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5 kirjaa tekijältä Harish Dutt Sharma

Deen Dayal Upadhyay

Deen Dayal Upadhyay

Harish Dutt Sharma

DIAMOND BOOKS
2005
nidottu
पं. दीनदयाल उपाध्याय जैसे महान व्यक्तित्व के बारे में जितनी भी प्रशंसा की जाए या लिखा जाए वह वास्तव में बहुत थोड़ी होगी। कौन है इनके जैसा त्यागी, देश भक्त और संघर्षशील आत्मा, शायद कोई नहीं। जितना इन्होंने देश के लिए सहयोग व समर्पण किया, उसकी गुण गाथा गाई नहीं जा सकती।पं. उपाध्याय एक महान देशभक्त, कुशल संगठनकर्ता, मौलिक विचारक, दूरदर्शी, राजनीतिज्ञ और प्रबुद्ध साहित्यकार थे। सादा जीवन उच्च विचार की जीती जागती प्रतिमा थे। सनातन संस्कृति के प्रतिनिधि और संदेश-वाहक थे। आज प्रत्येक भारतीय इनके त्यागमय जीवन का ऋणी है।
Shyama Prasad Mukherjee

Shyama Prasad Mukherjee

Harish Dutt Sharma

DIAMOND BOOKS
2005
nidottu
डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी देश के महापुरुषों की शृंखला में वह नाम है जिसने अपना सम्पूर्ण जीवन देशहित में लगाकर देश का विभाजन रोकने का भरसक प्रयत्न किया। लेकिन फिर भी उनका वह प्रयास व्यर्थ गया। उनके अथक प्रयासों के कारण ही समस्त बंगाल को बचाया जा सका अन्यथा पूरा बंगाल दूसरा पाकिस्तान बन गया होता ।डॉ. मुखर्जी एकमात्र ऐसे नेता थे, जिन्होंने न केवल स्वतंत्रता से पहले देश के लिए संघर्ष किया, बल्कि स्वतंत्रता के बाद देश की एकजुटता के लिए प्राण दिए । 1950 में जब 'नेहरू-लियाकत' समझौता हुआ और बंगाली हिन्दू अल्पसंख्यकों के हितों पर कुठाराघात हुआ तो उन्होंने केंद्र सरकार से त्यागपत्र दे दिया । जो उन्होंने कश्मीर के लिए किया, वह भारतीय अस्मिता बचाए रखने के लिए किया ।
Dr Sarvepalli Radha Krishanan

Dr Sarvepalli Radha Krishanan

Harish Dutt Sharma

DIAMOND BOOKS
2007
nidottu
भारत में सदियों से किसी न किसी युगपुरुष के जन्]म लेने की परम्]परा चली आ रही है। इन महापुरुषों की श्रृंखला में डॉ. सर्वपल्]ली राधाकृष्]णन भी एक महत्]वपूर्ण कड़ी हैं। एक शिक्षक होने के बाद भी संपूर्ण विश्]व पर प्रभुत्]व संपूर्ण विश्]व पर प्रभुत्]व होने के बाद भी एक शिक्षक शायद यही उनकी पहचान थी। जीवन के अनगिनत उतार-चढ़ावों को झलते हुए डॉ. राधाकृष्]णन निरंतर आगे बढ़ते गए। ऐसे महापुरुष के विराट व्]यक्तित्]व को पुस्]तक रूप में समेटना असंभव कार्य है। फिर भी लेखक ने उनके संपूर्ण जीवन की आभा को पुस्]तक में समेटने का विलक्षण एवं सराहनीय प्रयास किया है। अवश्]य ही यह पुस्]तक पाठकों की प्रेरणा स्रोत बनकर उनका मार्गदर्शन करेगी।