Kirjahaku
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1000 tulosta hakusanalla SWAMI RAM CHARRAN
സ്വാമി വിവേകാനന്ദന്റെ കൃതികളിലൂടെ കടന്നുപോകുമ്പോൾ, അദ്ദേഹം യഥാർത്ഥ അർത്ഥത്തിൽ ഒരു ഗുരുവാണെന്ന് കണ്ടെത്തുന്നത് വളരെ എളുപ്പമാണ്. അവൻ ആയിരുന്നു ഒരു ആത്മീയ അല്ലെങ്കിൽ മത നേതാവ് മാത്രമല്ല, സമീപനത്തിൽ അദ്ദേഹം ഒരു ദേശീയവാദിയും തർക്കമില്ലാത്ത ചിന്തകനുമായിരുന്നു. സ്വാമി വിവേകാനന്ദന് ഓരോന്നിനും ആത്മീയതയോടൊപ്പം ശാസ്ത്രീയ വീക്ഷണവും ഉണ്ടായിരുന്നു പ്രശ്നം. ജീവിതത്തിന്റെ ഓരോ മേഖലയെയും കുറിച്ചുള്ള അദ്ദേഹത്തിന്റെ നിരീക്ഷണങ്ങൾ വിസ്മയിപ്പിക്കുന്നതും ഇന്നും പ്രസക്തവുമാണ്. നമ്മുടെ നയരൂപകർത്താക്കൾ പാശ്ചാത്യ ചിന്തകരെ ഉദ്ധരിക്കാൻ ഇഷ്ടപ്പെടുന്നു, പാശ്ചാത്യ സങ്കേതങ്ങളിലൂടെ രാജ്യത്തിന്റെ പ്രശ്നങ്ങൾ പരിഹരിക്കാൻ എപ്പോഴും ശ്രമിക്കുന്നു, പക്ഷേ അവർ ഒരിക്കലും നമ്മുടെ രാജ്യത്തെ ചിന്തകരിൽ നിന്ന് ചില പാഠങ്ങൾ ഉൾക്കൊള്ളാൻ ഉദ്ദേശിക്കുന്നില്ല. 1902-ൽ സ്വാമി വിവേകാനന്ദൻ അന്തരിച്ചു, എന്നാൽ ഇന്ത്യ ഇന്ന് അഭിമുഖീകരിക്കുന്ന ആ പ്രശ്]നങ്ങൾ പരിശോധിക്കാൻ നമ്മെ നയിക്കാൻ അദ്ദേഹത്തിന്റെ വീക്ഷണങ്ങൾ ഇവിടെയുണ്ട്. കൂടാതെ, ഈ പുസ്തകത്തിന്റെ സൃഷ്ടിയുടെ പിന്നിലെ കാരണം ഇതാണ്. വളരെ ചുരുങ്ങിയ സമയത്തിനുള്ളിൽ മികച്ച മുന്നേറ്റം രേഖപ്പെടുത്തിയ യുവ മാധ്യമപ്രവർത്തകരുടെ വിഭാഗത്തിലാണ് ഹിമാൻഷു ശേഖറിനെ ഉൾപ്പെടുത്തിയിരിക്കുന്നത്. ജനസത്തയിൽ ചേർന്ന് അദ്ദേഹം എഴുതിത്തുടങ്ങി, അദ്ദേഹത്തിന്റെ ലേഖനങ്ങൾ മിക്കവാറും എല്ലാ പ്രമുഖ പത്രങ്ങളിലും മാസികകളിലും പ്രസിദ്ധീകരിച്ചിട്ടുണ്ട്. അദ്ദേഹം ഒരു ധീരനായ എഴുത്തുകാരനായതിനാൽ, അദ്ദേഹം എപ്പോഴും ജനശ്രദ്ധയിൽ തുടരുന്നു.ഹിമാൻഷു ശേഖർ അടിസ്ഥാനപരമായി ബീഹാറിലെ ഔറംഗബാദ് സ്വദേശിയാണ്, അവിടെ നിന്നാണ് അദ്ദേഹം സ്കൂൾ വിദ്യാഭ്യാസം നടത്തിയത്. ഡൽഹി സർവകലാശാലയിൽ നിന്ന് ബിരുദം നേടി
Swami Vivekanand Ke Sapno Ka Bharat in Oriya (ସ୍ବାମୀ ବିବେକାନନ୍ଦଙ୍କ ସ୍ବପ୍ନର ଭାର
Himanshu Shekhar
ALPHA EDITION
2023
pokkari
भक्तियोग स्वामी विवेकानंद द्वारा रचित एक महान ग्रंथ है, जो भक्ति के माध्यम से ईश्वर प्राप्ति के मार्ग को सरल और सुगम बनाता है। यह पुस्तक भक्ति के सच्चे अर्थ, उसके प्रकार, और उसकी गहराई को समझाती है। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि भक्ति केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि यह आत्मा की ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और प्रेम है।भक्तियोग में उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि भक्ति किसी धर्म या पंथ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हृदय की शुद्धता और ईश्वर के प्रति गहन लगाव का प्रतीक है। स्वामी विवेकानंद ने इसे "प्रेम के योग" के रूप में वर्णित किया है, जो व्यक्ति को अहंकार, द्वेष और सांसारिक बंधनों से मुक्त करता है। उन्होंने भक्त को मार्गदर्शन देते हुए बताया कि सच्ची भक्ति निष्काम होनी चाहिए, जिसमें कोई अपेक्षा या स्वार्थ न हो।यह पुस्तक हर उस साधक के लिए उपयोगी है जो प्रेम और समर्पण के माध्यम से अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाना चाहता है। स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित यह ग्रंथ भक्ति मार्ग के साधकों के लिए एक अमूल्य निधि है और हर युग में प्रासंगिक है।
कर्मयोग स्वामी विवेकानंद द्वारा रचित एक प्रेरणादायक पुस्तक है, जो कर्म और आध्यात्मिकता के गहन संबंध को स्पष्ट करती है। यह ग्रंथ कर्म के महत्व, उसके सही स्वरूप और उसे योग के रूप में अपनाने की विधि को सरल और प्रभावी तरीके से समझाता है। स्वामी विवेकानंद का मानना है कि कर्म न केवल जीवन का अनिवार्य हिस्सा है, बल्कि यह ईश्वर तक पहुंचने का एक साधन भी है।कर्मयोग में विवेकानंद ने यह बताया है कि स्वार्थ और फल की आसक्ति से मुक्त होकर किया गया कर्म ही सच्चा कर्मयोग है। उन्होंने इसे "निष्काम कर्म" का नाम दिया, जो गीता के उपदेशों पर आधारित है। उनका यह दृष्टिकोण कर्म को केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग मानता है।इस पुस्तक में कर्मयोग को न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक बताया गया है, बल्कि इसे समाज और मानवता की सेवा का माध्यम भी माना गया है। स्वामी विवेकानंद का यह संदेश कि "उठो, जागो और तब तक रुको मत जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए," कर्मयोग की ही भावना को दर्शाता है। यह पुस्तक हर उस व्यक्ति के लिए मार्गदर्शक है जो जीवन में कर्म और अध्यात्म का संतुलन स्थापित करना चाहता है।
ज्ञानयोग स्वामी विवेकानंद द्वारा रचित एक अद्वितीय ग्रंथ है, जो ज्ञान और विवेक के माध्यम से आत्मा और परमात्मा की अनुभूति कराने का मार्ग दिखाता है। यह पुस्तक वेदांत दर्शन के आधार पर ज्ञान को आध्यात्मिकता का सर्वोच्च साधन मानती है। स्वामी विवेकानंद ने इसमें यह बताया है कि सत्य की खोज और अज्ञान का नाश ही जीवन का परम उद्देश्य है।ज्ञानयोग में उन्होंने आत्मा, माया, ब्रह्मांड, और ईश्वर के वास्तविक स्वरूप को समझाने का प्रयास किया है। स्वामी विवेकानंद का कहना है कि अज्ञान (अविद्या) के कारण मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप को भूल जाता है और सांसारिक बंधनों में फंसा रहता है। ज्ञानयोग के माध्यम से आत्मा की पहचान और उसकी ब्रह्मांड के साथ एकता को अनुभव किया जा सकता है।यह ग्रंथ यह भी सिखाता है कि स्वाध्याय, चिंतन, और ध्यान के द्वारा विवेक जागृत कर आत्मा के परम ज्ञान को प्राप्त किया जा सकता है। ज्ञानयोग हर उस साधक के लिए मार्गदर्शक है जो तर्क और विचार के माध्यम से जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझने और ईश्वर का साक्षात्कार करने की आकांक्षा रखता है। स्वामी विवेकानंद के विचार इस ग्रंथ को एक कालजयी प्रेरणा स्रोत बनाते हैं।
राजयोग स्वामी विवेकानंद द्वारा रचित एक उत्कृष्ट ग्रंथ है, जो योग के गूढ़ रहस्यों और उनकी व्यावहारिकता को सरल और व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक "पतंजलि योगसूत्र" पर आधारित है और राजयोग को मन और आत्मा पर नियंत्रण का विज्ञान मानती है। स्वामी विवेकानंद ने इसे योग का वह मार्ग बताया है, जो साधक को आत्म-साक्षात्कार और ईश्वर की अनुभूति की ओर ले जाता है।इस ग्रंथ में योग के आठ अंगों - यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, और समाधि - की व्याख्या की गई है। राजयोग मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि पर बल देता है, जिससे साधक आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचान सके। यह सिखाता है कि ध्यान और ध्यान के माध्यम से मन की चंचलता पर विजय प्राप्त कर आत्मा के साथ एकत्व स्थापित किया जा सकता है।स्वामी विवेकानंद ने इस पुस्तक में योग को धर्म, जाति, और परंपरा से परे एक सार्वभौमिक विधा के रूप में प्रस्तुत किया है। राजयोग उन सभी के लिए प्रेरणादायक है जो मानसिक शांति, आंतरिक शक्ति, और आध्यात्मिक उन्नति की खोज कर रहे हैं। यह पुस्तक योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है।
Swami Vivekananda: The Essential Collection (Boxed Set)
Fingerprint! Publishing
2024
nidottu
Dive into the invaluable teachings of Swami Vivekananda with this comprehensive boxed set, encapsulating his timeless wisdom and spiritual guidance. This collection includes The Complete Book of Yoga, offering insight into the holistic practice of yoga, and Patanjali's Yoga Sutras, providing profound philosophical insight into the nature of the mind and self-realization. Additionally, discover 25 of Swami Vivekananda's most influential speeches, which continue to inspire and enlighten readers worldwide. Open your heart and mind to the life-changing teachings of Swami Vivekananda ● A comprehensive collection to help you on your journey to self-discovery and personal growth. ● Offers expert advice, detailed instructions and comprehensive knowledge about yoga techniques, benefiting both beginners and seasoned practitioners. ● Valuable insights and techniques to enhance yoga practice. ● The set offers practical tools, timeless wisdom and motivational content to help individuals flourish physically, mentally and spiritually. ● Practical wisdom and inspiration for achieving inner peace, happiness and self-discovery.
Swami Vivekanand
Sakal Media Pvt. Ltd.
2017
pokkari