आज की व्यस्त दिनचर्या मे समाजिक, सांस्कृतिक, व्यवाहारिक अनुभव की लगभग सभी स्तर पर कमी देखने को मिलती है। अतः "उजली राहों पर उड़ते परिन्दे" नामक पुस्तक इन्ही आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, विश्लेषणात्मक रूप मे तैयार की गई है। आज के वातावरण को संक्षिप्त एवं सरल तरीके से लिया गया है; ताकि एक आम पाठक भी बुनियादी बातों को समझ सकें। कुछ ज्वलंत मुद्दों को उदाहरणों की मदद से, समझाने की कोशिश की गई है जो विचारशील विश्लेषण की आवश्यकता को दर्शाती है। कहानियों, कविताओं, व्यंग्य, विश्लेषण, कटाक्ष, व्यक्तित्व चित्रण आदि विभिन्न अध्यायों से गुजरने के बाद पाठकगण "क्या हासिल किया है" जान पायेंगे। प्रभावी आख्यान प्रस्तुतियों के लिए चित्र लिए गये हैं।लेखक की पहचानडा. कृष्ण पाल सिंह तेवतिया का जन्म 24 अगस्त 1978 (कृष्ण जन्माष्टमी) को बुलन्दशहर, उत्तर प्रदेश में गाँव "गनौरा शेख" के तेवतिया गोत्रीय जाट किसान परिवार में हुआ। परिवार में सात भाई बहनों के साथ प्रारंभिक शिक्षा गाँव से लेकर, डा. बी.आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से 2011 में भौतिक विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। आपका विवाह सुश्री हेमलता सिंह के साथ 21 अप्रैल 2006 को सम्पन्न हुआ। आपके दो पुत्र गीताँश व मृगाँकशेखर मथुरा मे ही शिक्षा ले रहे हैं। आप भी मथुरा मे निवास करते हुए उत्कृष्ट शैक्षणिक, सामाजिक, पारिवारिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।डा. कृष्ण पाल सिंहनिवासः ए 30, मोतीकुंज एक्सटेंशन, मथुरा, उत्तर प्रदेश 281001 दूरभाष - 9772501206/9410810062