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Kirjailija

Rakesh Kumar Arya

Kirjat ja teokset yhdessä paikassa: 24 kirjaa, julkaisuja vuosilta 2016-2026, suosituimpien joukossa Satyarth Prakash Me Itihaas Vimarsha (???????? ?????? ??? ?????? ??????). Vertaile teosten hintoja ja tarkista saatavuus suomalaisista kirjakaupoista.

Mukana myös kirjoitusasut: Rakesh Kumar Arya

24 kirjaa

Kirjojen julkaisuhaarukka 2016-2026.

Pujniye Prabho Hamare

Pujniye Prabho Hamare

Rakesh Kumar Arya

DIAMOND BOOKS
2020
nidottu
अभी तक की अपनी 50 पुस्तकों के लेखक डॉ. राकेश कुमार आर्य का जन्म 17 जुलाई, 1967 को ग्राम महावड़, जनपद गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में एक आर्य समाजी परिवार में हुआ। श्री आर्य के पिता का नाम श्री राजेंद्रसिंह आर्य और माता का नाम श्रीमती सत्यवती आर्या है। विधि व्यवसायी होने के साथ-साथ श्री आर्य एक प्रखर वक्ता भी हैं।श्री आर्य को उत्कृष्ट लेखन के लिए राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह द्वारा विशेष रूप से 22 जुलाई, 2015 को राजभवन राजस्थान में सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से 12 मार्च, 2019 को केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा उनकी शोध कृति "भारत के 1235 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास" को वर्ष 2017 के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।इतिहास संबंधी शोधपूर्ण कार्य पर उन्हें अंतर्राष्ट्रीय आर्य विद्यापीठ के अध्यक्ष व दो बार पद्मश्री विजेता प्रोफेसर (डॉ.) श्यामसिंह शशि और संस्कृत में प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता प्रोफेसर डॉक्टर सत्यव्रत शास्त्री के द्वारा डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि विगत 17 जुलाई, 2019 को उनके 53वें जन्म दिवस के अवसर पर दिल्ली में होटल अमलतास इंटरनेशनल में प्रदान की गई।श्री आर्य को उनके उत्कृष्ट लेखन कार्य के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों व सामाजिक संस्थाओं से भी सम्मानित किया गया है। मेरठ के चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय सहित कई विश्वविद्यालयों में उनके लेक्चर विजिटर प्रोफेसर के रूप में आयोजित किए गए हैं। वर्तमान में डॉ. आर्य राष्ट्रवादी समाचार पत्र 'उगता भारत' का संपादन कार्य कर रहे हैं। वह राष्ट्रीय प्रेस महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय इतिहास पुनर्लेखन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हिंदू महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।
Buland Bharat

Buland Bharat

Rakesh Kumar Arya

DIAMOND BOOKS
2020
nidottu
वैदिक राज्य व्यवस्था में प्रधानमन्त्री को 'विष्णु' अर्थात पालन पोषण, वृद्धि और विकास करने वाला कहा गया है । राष्ट्रचेता ऐसा हो, जिसे लोग सहर्ष 'विष्णु' मानें। भारत में राष्ट्र नायक होने की यह सबसे बड़ी कसौटी है । जो ऐसे दिव्यगुणों से भरा होता है, उसे राष्ट्र की जनता मर्यादा पुरुषोत्तम राम या योगीराज कहकर युगों-युगों तक पूजती है।प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी निःसंदेह हमारे उन राष्ट्रनायकों की परम्परा की वर्तमान कड़ी हैं, जिन्होंने राष्ट्र की कान्ति और शक्ति को अपने अपने काल में अपने अपने ढंग से प्रदीप्त और प्रखर करने का प्रयास किया और जिनके चिन्तन का केंद्र केवल राष्ट्र रहा ।त्यागी तपस्वी लोग राष्ट्र का वर्द्धन संवर्द्धन, रक्षण और संरक्षण करते हैं
Mahila Sashaktikaran Aur Bharat

Mahila Sashaktikaran Aur Bharat

Rakesh Kumar Arya

Diamond Books
2020
nidottu
चार दर्जन पुस्तकों के लेखक डॉ. राकेश कुमार आर्य का जन्म 17 जुलाई, 1967 को ग्राम महावड़ जनपद गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश में एक आर्य समाजी परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम महाशय राजेंद्र सिंह आर्य और माता का नाम श्रीमती सत्यवती आर्या है। विधि व्यवसायी होने के साथ-साथ श्री आर्य एक प्रखर वक्ता भी हैं।श्री आर्य को उत्कृष्ट लेखन के लिए राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह द्वारा विशेष रूप से 22 जुलाई, 2015 को राजभवन राजस्थान में सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से 12 मार्च, 2019 को केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा उनकी शोध कृति "भारत के 1235 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास" को वर्ष 2017 के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।इतिहास संबंधी शोधपूर्ण कार्य पर उन्हें अंतर्राष्ट्रीय आर्य विद्यापीठ के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर श्यामसिंह शशि और संस्कृत में प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता प्रोफेसर डॉक्टर सत्यव्रत शास्त्री विद्वानों के द्वारा डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि विगत 17 जुलाई, 2019 को उनके 53वें जन्म दिवस के अवसर पर दिल्ली में होटल अमलतास इंटरनेशनल में प्रदान की गई।श्री आर्य को उनके उत्कृष्ट लेखन कार्य के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों व सामाजिक संस्थाओं से भी सम्मानित किया गया है। मेरठ के चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय सहित कई विश्वविद्यालयों में उनके लेक्चर विजिटर प्रोफेसर के रूप में आयोजित किए गए हैं।